मणिपुर का भूगोल : संक्षिप्त विवरण

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मणिपुर का भूगोल : संक्षिप्त विवरण

मणिपुर, जिसे "पूर्व का स्विट्जरलैंड" और "भारत का गहना" भी कहा जाता है, अपनी विशिष्ट भौगोलिक बनावट के कारण विश्व मानचित्र पर एक विशेष स्थान रखता है। यह भारत के पूर्वोत्तर में स्थित एक सीमावर्ती राज्य है, जिसका भूगोल ऊंचे पहाड़ों और एक केंद्रीय घाटी का एक अद्भुत संगम है।

नीचे मणिपुर के भूगोल पर एक विस्तृत लेख दिया गया है:

1. भौगोलिक स्थिति और विस्तार

मणिपुर भारत के सुदूर पूर्व में $23.83^\circ \text{N}$ से $25.68^\circ \text{N}$ अक्षांश और $93.03^\circ \text{E}$ से $94.78^\circ \text{E}$ देशांतर के बीच स्थित है।

  • क्षेत्रफल: इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 22,327 वर्ग किमी है।
  • सीमाएं: * उत्तर में: नागालैंड
  • दक्षिण में: मिज़ोरम
  • पश्चिम में: असम
  • पूर्व में: म्यांमार (बर्मा) के साथ लगभग 352 किमी लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है।

2. भू-आकृति (Topography)

मणिपुर की भू-आकृति को अक्सर एक "तश्तरीनुमा" (Saucer-shaped) संरचना के रूप में वर्णित किया जाता है। इसे मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया जा सकता है:

क. केंद्रीय घाटी (Central Valley)

राज्य के कुल क्षेत्रफल का लगभग 10% हिस्सा ही घाटी है, लेकिन यहाँ राज्य की लगभग 60% आबादी निवास करती है। यह घाटी समुद्र तल से लगभग 790 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और अंडाकार आकार की है। इम्फाल इसी घाटी में स्थित है।

ख. पर्वतीय क्षेत्र (Hilly Region)

राज्य का लगभग 90% भाग ऊँची पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं से ढका है। ये पहाड़ उत्तर-दक्षिण दिशा में फैले हुए हैं। यहाँ की सबसे ऊँची चोटी माउंट इसो (Mt. Iso) या तेनिपु है, जिसकी ऊँचाई लगभग 2,995 मीटर है।

3. जल निकासी प्रणाली और नदियाँ

मणिपुर को दो मुख्य नदी घाटियों (River Basins) में विभाजित किया जा सकता है:

  • बराक बेसिन (Barak Basin): बराक नदी मणिपुर की सबसे बड़ी नदी है। यह पश्चिमी पहाड़ियों से होकर बहती है और अंततः असम में प्रवेश करती है।
  • मणिपुर बेसिन: इसमें इम्फाल, इलिल, नाम्बुल और थौबल जैसी नदियाँ शामिल हैं। ये नदियाँ दक्षिण की ओर बहती हुई म्यांमार की चिंदविन नदी (Chindwin River) में मिल जाती हैं।

लोकटक झील (Loktak Lake)

यह मणिपुर के भूगोल की सबसे विशिष्ट विशेषता है। यह पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है। यह अपने 'फुमदी' (तैरते हुए घास और मिट्टी के द्वीपों) के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान, 'केबुल लामजाओ नेशनल पार्क' स्थित है।

4. जलवायु (Climate)

मणिपुर की जलवायु ऊंचाई के आधार पर भिन्न होती है:

  • घाटी में: यहाँ की जलवायु उपोष्णकटिबंधीय (Sub-tropical) है। गर्मियों में तापमान $32^\circ \text{C}$ तक जा सकता है, जबकि सर्दियों में यह काफी सुखद रहता है।
  • पहाड़ियों में: यहाँ तापमान काफी कम रहता है और सर्दियों में पाला या कभी-कभी बर्फबारी भी होती है।
  • वर्षा: यहाँ दक्षिण-पश्चिम मानसून से भारी वर्षा होती है। औसत वार्षिक वर्षा 1,400 मिमी से 2,500 मिमी के बीच होती है। तामेंगलोंग जिला राज्य का सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र है।

5. मृदा और वनस्पति (Soil and Vegetation)

  • मिट्टी: घाटी के क्षेत्रों में उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी (Alluvial soil) पाई जाती है, जो धान की खेती के लिए सर्वोत्तम है। पहाड़ियों पर लाल लैटेराइट मिट्टी मिलती है।
  • वन क्षेत्र: मणिपुर का लगभग 77% हिस्सा वनों से ढका है। यहाँ उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों से लेकर शीतोष्ण पर्वतीय वनों तक की विविधता मिलती है। यहाँ का 'शिरुई लिली' (Shirui Lily) फूल पूरी दुनिया में केवल उखरुल जिले की पहाड़ियों में पाया जाता है।

6. जैव विविधता (Biodiversity)

मणिपुर इंडो-बर्मा 'बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट' का हिस्सा है। यहाँ का राज्य पशु 'सांगई' (Sangai) हिरण है, जिसे 'नृत्य करने वाला हिरण' भी कहा जाता है, और यह केवल लोकटक झील के फुमदियों पर पाया जाता है।

निष्कर्ष:

मणिपुर का भूगोल केवल पहाड़ों और नदियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यहाँ की जनजातियों और समुदायों के जीवन का आधार है। जहाँ घाटी क्षेत्र कृषि का केंद्र है, वहीं पहाड़ जैव विविधता और प्राकृतिक संपदा के रक्षक हैं।

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