कूलॉम के नियम की तुलना न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम से की गई है। इसके आधार पर गुरुत्वाकर्षण का नियम और सूत्र निम्नलिखित है:
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम -
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम बताता है कि ब्रह्मांड में किन्हीं दो पिंडों (बिंदु द्रव्यमानों) के बीच लगने वाला आकर्षण बल:
दोनों पिंडों के द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती होता है।
उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
यह बल दोनों पिंडों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करता है।
गुरुत्वाकर्षण का सूत्र -
यदि दो पिंडों का द्रव्यमान $m_{1}$ और $m_{2}$ है तथा उनके बीच की दूरी $r$ है, तो उनके बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल ($F$) इस प्रकार व्यक्त किया जाता है -
$$F = G \frac{m_{1} m_{2}}{r^{2}}$$
जहाँ,
G = सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (Universal Gravitational Constant)
$m_{1}, m_{2}$ = पिंडों के द्रव्यमान
r = दोनों पिंडों के बीच की दूरी
- प्रकृति: गुरुत्वाकर्षण बल सदैव आकर्षी (Attractive) होता है, जबकि वैद्युत बल आकर्षी और प्रतिकर्षी दोनों हो सकता है।
- तुलना: गुरुत्वाकर्षण बल, वैद्युत बल की तुलना में अत्यंत दुर्बल (Weak) होता है।
- नियम का प्रकार: यह कूलॉम नियम की तरह ही व्युत्क्रम वर्ग नियम (Inverse Square Law) का पालन करता है, अर्थात बल दूरी के वर्ग ($r^2$) के साथ घटता है।
न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के नियम (Law of Universal Gravitation) को औपचारिक रूप से 5 जुलाई 1687 को प्रतिपादित किया था।
निवासी - इंग्लैंड (ब्रिटिश)
नियम का प्रतिपादन -न्यूटन ने अपने विश्व-प्रसिद्ध ग्रंथ "फिलोसोफी नेचुरेलिस प्रिंसिपिया मेथेमेटिका" (Philosophiæ Naturalis Principia Mathematica) में गुरुत्वाकर्षण के नियम को 1687 में प्रकाशित किया था।
खोज की पृष्ठभूमि - हालाँकि उन्होंने इस नियम को 1687 में प्रकाशित किया, लेकिन ऐसा माना जाता है कि गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का विचार उन्हें 1665-1666 के दौरान आया था, जब इंग्लैंड में 'प्लेग' की महामारी के कारण कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय बंद हो गया था और वे अपने घर वापस आ गए थे। इसी समय 'सेब गिरने' की प्रसिद्ध घटना से उन्हें प्रेरणा मिली थी।
- गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक 'G' (Capital G) का मान सर्वप्रथम हेनरी कैवेंडिश (Henry Cavendish) ने ज्ञात किया था।
* वैज्ञानिक: हेनरी कैवेंडिश (ब्रिटिश वैज्ञानिक)
* वर्ष: 1798
* प्रयोग: उन्होंने एक संवेदनशील 'टॉर्शन बैलेंस' (Torsion Balance) नामक उपकरण का उपयोग करके यह मान निकाला था।- G' का मान (Value of G) -
वर्तमान में 'G' का सर्वमान्य मानक मान (Standard Value) है:
$$G \approx 6.674 \times 10^{-11} \text{ N m}^2/\text{kg}^2$$ (इकाई - न्यूटन मीटर स्क्वायर प्रति किलोग्राम स्क्वायर)G बनाम g -
G एक 'सार्वत्रिक स्थिरांक' (Universal Constant) है, जिसका मान पूरे ब्रह्मांड में एक समान रहता है। जबकि g (small g) गुरुत्वीय त्वरण है, जिसका मान स्थान के अनुसार (जैसे पृथ्वी और चंद्रमा पर) बदलता रहता है।
महत्व: कैवेंडिश के इस प्रयोग का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी का घनत्व (Density of Earth) मापना था, लेकिन उनके डेटा से ही पहली बार 'G' का सटीक मान प्राप्त हुआ।
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