भूगोल के महत्वपूर्ण प्रश्न -

भोजन संग्रह विश्व के किन किन भागों में होता है?
वर्तमान में भोजन संग्रह विश्व के दो भागों में किया जाता है -

  1. उच्च अक्षांश के क्षेत्र जिनमें उत्तरी कनाडा, उत्तरी यूरेशिया एवं दक्षिणी चिली आते हैं। 
  2. निम्न अक्षांश के क्षेत्र जिनमें अमेजन बेसिन, उष्ण कटिबन्धीय अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया एवं दक्षिण-पूर्वी एशिया का आन्तरिक भाग आता है।

प्रौद्योगिकी पार्क से आशय -  

टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना 1991 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत एक स्वायत्त सोसाइटी के रूप में की गई है । इसका मुख्य उद्देश्य देश से सॉफ्टवेयर निर्यात को बढ़ावा देना रहा है। एसटीपीआई सॉफ्टवेयर निर्यातकों को सेवाएं प्रदान करने में 'सिंगल-विंडो' के रूप में कार्य करता है।

प्रवास की प्रवृत्ति से आशय -

व्यक्तियों के एक स्थान से दूसरे स्थान में जाकर बसने की क्रिया को प्रवास या प्रवास प्रवृत्ति कहते हैं। इसके कई प्रकार हो सकते हैं। किसी दूसरे स्थान में आकर बसावट की प्रकृति के आधार पर इस प्रवास को (i) स्थाई अथवा (ii) अस्थाई दो स्वरूपों में रखा गया है। स्थायी प्रवास मेंं आए हुए व्यक्ति बसावट करने के बाद वापस अपने मूल स्थान नहीं जाते हैं।जबकि अस्थायी प्रवास मेंं आए हुए व्यक्ति बसावट करने के बाद वापस अपने मूल चले जाते हैं। 

उदाहरण के लिए ग्रामीण जनसंख्या का अपने-अपने गाँवों से रोजगार की तलाश में पलायन करके शहरों में आकर स्थाई रूप से बसना स्थायी प्रवास का उदाहरण है जबकि एक विद्यार्थी का कुछ समय के लिए पढ़ने के लिए किसी शहर में जाना स्थायी प्रवास का उदाहरण है। 

पर्यटन नगर किसे कहते हैं?

ऐसे नगर जो पर्यटकों के लिए रोचक होते हैं, उन्हें पर्यटन नगर कहते हैं। ये स्थल कई दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकते हैं जैसे धर्म, मनोरंजन, शिक्षा, प्राकृतिक सुषमा या महत्वपूर्ण इमारतों के कारण । उदाहरण - जबलपुर (भेड़ाघाट) , वाराणसी , मुंबई , हैदराबाद , मसूरी , ऊटी , जयपुर आदि । 

ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग के प्रमुख केन्द्रों के नाम - 

यारोस्लावस्की वोक्झल, चेल्याबिंस्क, ओम्स्क, नोवोसिबिर्स्क, इर्कुत्स्क, क्रास्नोयार्स्क, उलान-उडे, चिता, खाबरोवस्क, और व्लादिवोस्तोक।

भूमध्यसागरीय कृषि की तीन विशेषताएं लिखिए -

  • यहाँ औसत वार्षिक वर्षा 35 – 90 सेंटीमीटर तक होती है। 
  • सबसे गर्म माह में तापमान 10ºC या इससे अधिक रहता है, जबकि सबसे ठंडे माह का तापमान 18ºC से कम परंतु -3ºC से अधिक रहता है। 
  • जल निकायों की उपस्थिति से शीतलन प्रभाव के कारण इस जलवायु में चरम विशेषताओं का अभाव रहता है।
परिवहन नगर - 

परिवहन नगर वे नगर होते हैं जो जो मुख्यतः आयात और निर्यात कार्यों में संलग्न रहते हैं। 
जैसे- कांडला, कोच्चि, कोझीकोड, विशाखापट्नम, इत्यादि अथवा आंतरिक परिवहन के नगर जैसे धुलिया, मुगलसराय, इटारसी, कटनी, इंदौर इत्यादि हो सकते हैं।

ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग का महत्व - 

ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग विश्व का सबसे लम्बा रेलमार्ग है। इसके महत्व निम्नानुसार हैं - 
1. इस रेलमार्ग द्वारा पूर्व एवं पश्चिम को सम्बन्ध स्थापित होने के साथ-साथ साइबेरिया के वन, कृषि, खनिज संसाधनों तथा उद्योग-धन्धों का पर्याप्त विकास हुआ है। 
2. इस रेलमार्ग के बन जाने से साइबेरिया में स्थित कोयला, लौह-अयस्क, मैंगनीज, बॉक्साइट, कोबाल्ट, क्रोमियम, निकिल, टंगस्टन, ताँबा, टिन, जस्ता, सीसा, अभ्रक, गन्धक, पोटाश, सोना, प्लेटिनम, यूरेनियम आदि खनिजों का शोषण सम्भव हो सका है। 
3. साइबेरिया में इन खनिजों की प्राप्ति इसी रेलमार्ग द्वारा सम्भव हो पायी है। अतः यह रेलमार्ग रूस के लिए वरदान सिद्ध हुआ है। इस रेलमार्ग की स्थापना से पूर्व साइबेरिया अत्यन्त पिछड़ा हुआ तथा उपेक्षित प्रदेश था। जार शासनकाल में साइबेरिया को ‘काले पानी’ की संज्ञा दी जाती थी, परन्तु इस रेलमार्ग की स्थापना के बाद इस प्रदेश की आर्थिक प्रगति प्रारम्भ हुई तथा आज साइबेरिया रूस का बहुमूल्य खजाना सिद्ध हुआ है। 


भारतीय श्रमिकों का व्यावसायिक संवर्ग - 

भारत में जनगणना में व्यवसायों को प्राथमिक क्षेत्र, द्वितीय क्षेत्र और 'तृतीयक क्षेत्र' जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत करती है।
कुल-श्रमजीवी जनसंख्या का लगभग 58.2 प्रतिशत कृषक व कृषि मजदूर हैं। जबकि केवल 4.2 प्रतिशत श्रमिक घरेलू उद्योगों में लगे हैं तथा 37.6 प्रतिशत अन्य श्रमिक हैं जो गैर- घरेलू उद्योगों, व्यापार, वाणिज्य, विनिर्माण, मरम्मत व अन्य सेवाओं में कार्यरत हैं।

नगरों के प्रकार्य से आशय - 

1921 में Marcel Aurousseau ने नगरों को उनके कार्यों के आधार पर 6 वर्गों में विभाजित किया गया है। इस विधि में किसी नगर में प्रमुख रूप से जिन कार्यों को किया जाता है उसी श्रेणी में उस नगर को रख दिया जाता है । नगर को प्रकार्यों के आधार पर निमांकित श्रेणियों में रखा जाता है -
प्रशासकीय नगर, 
सांस्कृतिक नगर, 
सुरक्षा नगर, 
उत्पादन नगर, 
संचार नगर तथा 
मनोरंजन नगर । 

भारत में लौह अयस्क का उत्पादन एवं वितरण का वर्णन कीजिए। 

भारत में लौह अयस्क के कुल वसूली योग्य भंडार लगभग हैमेटाईट के 9602 मिलियन टन और मैग्नेटाईट के 3408 मिलियन टन हैं। मध्य प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, उड़ीसा, गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल, राजस्थान और तमिलनाडु लौह अयस्क के मुख्य भारतीय उत्पादक हैं।



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