घड़ी क्या है ?
घड़ी एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जिसका उपयोग समय को दर्शाने और बनाए रखने के लिए किया जाता है। इसमें तीन सुइयां होती है सबसे बड़ी सुई सेकंड को, मध्य वाली मिनट को तथा सबसे छोटी सुई घंटे को दर्शाती है |
यह सुईया अलग - अलग समय में अपना एक चक्कर पूरा
करती है 





घड़ी में कुल 12 भाग होते है अर्थात 12 घंटे होते है । 

प्रत्येक 1 घंटे में 300 का कोण बनता है । 

12 घंटो में 3600 का कोण बनता है । 

12 घंटो में कोण बनते है = 3600

तो 1 घंटे कोण बनेगा = 3600/12 = 300

इन समयों पर घड़ी की दोनों सुइयों के बीच समकोण बनता है -
12:17, 12:49, 1:22, 1:54, 2:27, 3:00, 3:33, 4:05, 4:38, 5:10, 5:43, 6:17, 6:49, 7:23, 7:55, 8:27, 9:00, 9:34, 10:05, 10:37, 11:09, 11:43, 12:17, 12:49, 1:22, 1:54, 2:27, 3:00, 3:33, 4:05, 4:38, 5:10, 5:43, 6:17, 6:49, 7:23, 7:55, 8:27, 9:00, 9:34, 10:05, 10:37, 11:09, 11:43
(कुल 44 बार)



घड़ी के समय के समतल दर्पण पर बनने वाले प्रतिबिंब पर आधारित प्रश्न - 

समतल दर्पण को उसकी स्थिति के आधार पर दो वर्गों मे विभाजित किया गया हैं - 

लम्बवत समतल दर्पण ,
क्षैतिज समतल दर्पण । 

(1) लम्बवत समतल दर्पण - 

समतल दर्पण को एसी स्थिति जो किसी क्षैतिज तल के सापेक्ष 90 अंश के कोण पर खड़ी अवस्था में रखी गई हो, ऐसे दर्पण को लम्बबत्‌ दर्पण कहते हैं। ऐसे दर्पण में सामने रखो गई वस्तु का प्रतिबिंब पलटा हुआ प्रतीत होता है अर्थात्‌ मूल प्रतिरूप में वस्तु का जो भाग बाईं ओर होता है, वह प्रतिबिम्ब में दाईं ओर एवं जो भाग दाईं ओर होता है वह प्रतिबिंब में बाईं ओर स्थानानतरित होता है। 


मूल प्रतिरूप 

काल्पनिक प्रतिरूप 

लम्बबत्‌ दर्पण सम्बन्धी प्रश्नों को हल करने के लिए ट्रिक -

लम्बवत्‌ दर्पण से सम्बन्धित प्रश्नों को आसानी से हल करने के लिए एक निश्चित समय आधार 12:00 बजे का प्रयोग निम्न रूप में करना चाहिए  -

यदि दिया गया समय वास्तविक समय हो, तो 

प्रतिबिम्बित (काल्पनिक) समय = 12:00 - वास्तविक समय

जैसे - यदि वास्तविक समय 6:30 हो , तो -

तो काल्पनिक समय = 12:00 - वास्तविक समय = 12:00 - 6:30 = 05:30 

यदि दिया समय काल्पनिक अर्थात प्रतिबिम्बित समय हो, तो

वास्तविक समय = 12:00 - काल्पनिक अर्थात्‌ प्रतिबिम्बित समय

जैसे - यदि काल्पनिक समय = 01:20 हो, तो 

वास्तविक समय =  12:00 - 01:20 = 10:40


यहाँ यह ध्यात देना आवश्यक है कि समय के विषय में मिनट उधार लेने की आवश्यकता हो, तो इसे घंटे से लिया जाता है। उधार लिया गया समय हमेश 60 मिनट अर्थात अर्थात्‌ एक घण्टे के रूप में लिया जाता है ।


(1) क्षैतिज समतल दर्पण - (Not Yet Available)

  • 1 मिनट में मिनट की सुई 6 डिग्री का कोण बनाती है
  • घंटे की सुई 1 मिनट में 1/2 डिग्री का कोण बनाती है
  • प्रत्येक घंटे में घड़ी की दोनों सुई आपस में एक बार मिलती है
  • प्रत्येक घंटे में दोनों सुइयां दो बार समकोण(900) बनाती है
  • प्रत्येक घंटे में एक बार दोनों सुइयां एक दूसरे के विपरीत होती है
  • प्रत्येक घंटे में मिनट की सुई घंटे की सुई से 55 मिनट की दूरी अधिक तय करती है
  • प्रत्येक 12 घंटे में घड़ी की सुइयां 11 बार आपस में मिलती है तथा प्रत्येक 24 घंटे में 22 बार आपस में मिलती है
  • प्रत्येक 22 घंटे में घड़ी की सुइयां 22 बार समकोण बनाएगी इसी प्रकार दो या 24 घंटे में 44 बार समकोण बनाएगी
  • प्रत्येक 12 घंटे में घड़ी की सुईया 11 बार एक दूसरे के विपरीत होगी अर्थात 24 घंटे में 22 बार एक दूसरे के विपरीत होगी
  • प्रत्येक घंटे में घड़ी की सुइयां 11 बार आपस में मिलती है तथा प्रत्येक 24 घंटे में 22 बार आपस में मिलती है




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