विद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction)
फैराडे के नियम • लेंज का नियम • लाइव गैल्वेनोमीटर व ऑसिलोस्कोप
डिजिटल ऑसिलोस्कोप (Oscilloscope: EMF ℰ vs समय t)
मापक उपकरण व सूचक (Indicators)
सुई का शून्य बीच में होता है। चुंबक अंदर जाने पर सुई एक ओर तथा बाहर खींचने पर विपरीत दिशा में विक्षेपित होती है।
जितनी तीव्र गति ($v$) से चुंबक चलेगा, प्रेरित विभवांतर उतना अधिक होगा और बल्ब का तंतु उतना ही तेज चमकेगा।
विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियम
जब भी किसी बंद परिपथ या कुंडली से बद्ध चुंबकीय फ्लक्स (Magnetic Flux) में परिवर्तन होता है, तो परिपथ में एक प्रेरित विद्युत वाहक बल (Induced EMF) उत्पन्न होता है, जिसके कारण उसमें विद्युत धारा प्रवाहित होती है।
प्रेरित विद्युत वाहक बल का मान चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है:
यहाँ N कुंडली के फेरों की संख्या है तथा ऋण चिह्न (-) लेंज के नियम को प्रदर्शित करता है।
प्रेरित धारा की दिशा सदैव ऐसी होती है कि वह उसी कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न हुई है।
- N ध्रुव पास लाने पर: कुंडली का सामने का सिरा N ध्रुव बनकर प्रतिकर्षण करता है।
- N ध्रुव दूर ले जाने पर: सिरा S ध्रुव बनकर चुंबक को आकर्षित करता है।
• विद्युत जनरेटर/डायनेमो (Electric Generator): यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत में बदलना।
• ट्रांसफॉर्मर (Transformer): AC वोल्टता को कम/ज्यादा करना।
• इंडक्शन चूल्हा (Induction Cooktop): भंवर धाराओं (Eddy Currents) द्वारा ऊष्मा।
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